
नैया पड़ी मझधार गुरु बिन कैसे लागे पार, हरि बिन कैसे लागे पार
वे लोग सौभाग्यशाली हैं जिन्हें आन्तरिक जीवन निर्माण का समुचित मार्गदर्शन एवं वातावरण मिला ज्ञान के समान पवित्र अन्य कोई भी वस्तु इस संसार में नहीं है। यह ज्ञान जानकारी से नहीं बल्कि अनुभूतियों से आता है गायत्री परिवार मुरादाबाद ने किया श्री सुधांशु जी महाराज का अभिनन्दन ”नैया पड़ी