The two-day Gurupurni- ma Mahotsav Satsang of world-renowned Saint Shri Sudhanshu Ji Ma- haraj began at Shivdham Ashram here on Saturday with the lighting of lamps and Vyas Pujan ritual. Sudhanshu Ji Maharaj said in his discourse that people should listen to the voice of their souls. The way Hanuman ji has kept Lord Ram inside his heart, you should also keep your Guru in your heart. After waking up early in the morning, we should first take the name of the Guru.
Author: Vishwa Jagriti Mission
कर्मयोगी बनकर ही जीवन का नवनिर्माण संभव : सुधांशु महाराज
कर्मयोगी बनकर ही जीवन का नवनिर्माण संभव : सुधांशु महाराज
लक्ष्य निर्धारित करके कार्य करने को सफलता का मंत्र बताया
सुधांशु महाराज के सूत्र
- कुछ पाने के लिए कुछ खोना जरूरी नहीं होता
- तय करना है कि जीवन में हासिल क्या करना है, कहां जाना है, कहा पहुंचना है।
- हासिल करने में वक्त लगता भी है, तो इरादा नहीं बदलना है, तरीका बदल सकते हैं।
- विनम्रता, शालीनता के साथ खुश मिजाज और विनोदप्रिय होकर जल्दी सफलता
ध्यान से पूर्व प्राणायाम जरूरी : डा. अर्चिका दीदी
ध्यान से पूर्व प्राणायाम जरूरी : डा. अर्चिका दीदी
विश्व जागृति मिशन सत्संग समिति की ओर से विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित योग-ध्यान शिविर में योगविद् डा. अर्चिका दीदी ने श्वास लेने और श्वास छोड़ने की क्रिया से प्राण हमारे शरीर में प्रवाहित होता है। उन्होंने कहा कि पतंजलि संविता शास्त्र में श्वसन को शारीरिक स्वास्थ्य का वर्धक दर्शाया है। ध्यान के साधक बैठने की मुद्रा पर अधिकार प्राप्त करने के अगले चरण में श्वसन पर ही अधिकार का अभ्यास करते हैं ।
खुश रहना, दूसरों को खुश रखना ही जीवन है: सुधांशु महाराज
खुश रहना, दूसरों को खुश रखना ही जीवन है: सुधांशु महाराज
गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर परसदा ब्रह्मलोक आश्रम में सद्गुरु सुधांशु महाराज ने कहा कि खुश रहना और खुश रखना ही जीवन है। जीवन रोने या माथा पीटने के स्वागत करना चाहिए। जीवन में लिए नहीं है। दुख को सिर पर ओढ़ना नहीं चाहिए। लेकिन होता इसके विपरीत है। अधिकांश लोग मौजूदा सुख को भूलकर दुख को याद करते रहते हैं। इससे कुछ हासिल नहीं होने वाला है।
कैलाश पर्वत पर परिवार संग विराजेंगे भोलेनाथ – विश्व जागृति मिशन छत्तीसगढ़ मंडल
कैलाश पर्वत पर परिवार संग विराजेंगे भोलेनाथ – विश्व जागृति मिशन छत्तीसगढ़ मंडल
वहालोक आश्रम हिमालय की वादियों में भारत के अंतिम छोर पर स्थित पवित्र धार्मिक स्थल मानसरोवर झील जाने की इच्छा हर किसी की होती है, लेकिन वहां जाकर हिमालय पर्वत और झील के साक्षात दर्शन करने का अवसर सौभाग्यशालियाँ को ही मिलता है। हर कोई वहां पहुंच नहीं सकता, इसलिए भगवान भोलेनाथ के पवित्र धाम का प्रतिरूप राजधानी के समीप स्थित परसदा गांव मैं बनाया जा रहा है। प्रसिद्ध संत सुधांशु महाराज के मार्गदर्शन में निर्माणाधीन ब्रह्मलोक आश्रम परिसर में श्रद्धलु कैलाश पर्वत का नजारा देख सकेंगे। लगभग चार साल से बन रहे आश्रम के 2025 में पूरा होने की संभावना है। कैलाश मानसरोवर का प्रतिरूप बन जाने के बाद प्रदेशभर के अद्धलुओं के लिए यह आकर्षण का केंद्र होगा। ऐसी ही रोचक जानकारी दे रहे हैं।
सुधांशु महाराज के पावन सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन
सुधांशु महाराज के पावन सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन
आचार्य सुधांशु महाराज के पावन सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव विश्व जागृति मिशन मुंबई द्वारा आयोजित इसका आयोजन (वरदान लोक आश्रम) काजुपाडा घोड़बंदर रोड थाने मैं 18 जून दिन रविवार सुबह 10:00 बजे से 1:00 तक गुरु दर्शन पाद पूजन एवं सत्संग का आयोजन होगा।
जीवन की यात्रा शुभ से शुभ की ओर करें : सुधांशु महाराज
जीवन की यात्रा शुभ से शुभ की ओर करें : सुधांशु महाराज

ध्यान व योग से आती है सकारात्मक ऊर्जा – सुधांशु महाराज
ध्यान व योग से आती है सकारात्मक ऊर्जा – सुधांशु महाराज
सुंदरनगर में आयोजित विराट सत्संग के अंतिम दिन वही ज्ञान की गंगा
विश्व जागृति मिशन के संस्थापक व संत शिरोमणि सुधांशु महाराज ने कहा कि ध्यान एवं योग के माध्यम से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने परमात्मा के निकट जाने के मार्ग प्रशस्त किए। उन्होंने कहा कि गुरु का आगमन से जीवन धन्य हो जाता है और सारे कष्ट कलेश दूर होते हैं। उन्होंने भक्तों को पूजन के लिए विविध नियम और आसन भी बताए।
सद्गुरु ही देते हैं परमात्मा से जुड़ने की विधि : सुधांशु महाराज
सद्गुरु ही देते हैं परमात्मा से जुड़ने की विधि : सुधांशु महाराज
विश्व जागृति मिशन के सौजन्य से सुंदरनगर के जवाहर पार्क में जारी विराट भक्ति सत्संग के दूसरे दिन शुक्रवार सायं संध्याकालीन सत्र में सांसद प्रतिभा सिंह व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन सिंह ठाकुर ने संत सुधांशु जी महाराज का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर व्यास पूजन विश्व जागृति मिशन के प्रधान श्री प्यारे लाल गुप्ता व प्रदेश के पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर द्वारा संत सुधांशु जी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
ओम के उच्चारण से गुंजायमान हुई ऋषि शुकदेव की धरा
ओम के उच्चारण से गुंजायमान हुई ऋषि शुकदेव की धरा
ऋषि शुकदेव की धरा सुकेत में वैभव यज्ञ मंत्रोच्चारण के संग डाली गई आहुतियों के साथ जैसे ही ओम का शंखनाद हुआ, समूचा आकाश श्रद्धालुओं के ओम के उच्चारण के साथ गूंज उठा। सुंदरनगर के जवाहर पार्क में चल रहे सुधांशु महाराज के विराट सत्संग में श्रद्धालुओं ने वैभव यज्ञ में आहुति डाली।
श्रद्धालुओं के साथ सुधांशु महाराज भी दिल्ली से विशेष रूप से पहुंचे। शुक्रवार सुबह के भजन कीर्तन के बाद शुरू हुआ वैभव यज्ञ पंडाल में अंतिम पंक्ति तक उपस्थित श्रद्धालु द्वारा डाली गई आहुति के साथ संपन्न हुआ ।