प्राण सधें तो सब सधे- नियमित प्राणायाम सुस्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी

प्राण सधें तो सब सधे

नियमित प्राणायाम सुस्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी

Guru Purnima | 15 July19 | Sudhanshu Ji Maharaj | Dr. Archika Didiआनन्दधाम, नई दिल्ली। प्राण का हमारे जीवन में सर्वाधिक महत्व है। प्राणों को साध लिया जाए तो सब कुछ सध जाता है। ऋषियों ने प्राणों की साधना के लिए ‘प्राणायाम’ का शोध किया था। प्राणायाम का नियमित अभ्यास हमारे प्राणों को मजबूत बनाता है। जो जितना प्राणवान है वह उतना ही जीवन्त है।

यह बात आज यहाँ विश्व जागृति मिशन मुख्यालय आनन्दधाम के साधना मण्डप में ध्यानगुरु
डॉ. अर्चिका दीदी ने कही। उन्होंने कहा कि प्राणहीन व्यक्तियों को जीवित व्यक्ति कहना मुश्किल होता है। प्राणहीन व्यक्ति जीवन में कोई खास उपलब्धि प्राप्त नहीं कर पाते, प्राणवान व्यक्ति साधारण स्थितियों में भी बड़ी उपलब्धि प्राप्त करने में सफल होते हैं।

उन्होंने प्राणयाम की सरल एवं प्रभावी विधियों का अभ्यास सभी साधकों से कराया। कपालभाति, अनुलोम विलोम प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, भ्रातसिका प्राणायाम, उज्जायी प्राणायाम, सूर्यवेधन, प्राणायाम, शीतली शीतकारी प्राणायाम का अभ्यास कराया। योग-प्राणायाम की इन क्रियाओं में उन्होंने स्वांस-प्रश्वांस को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उल्लेखनीय है कि आनन्दधाम में इन दिनों तीन दिवसीय गुरु मन्त्र सिद्धि साधना का क्रम चल रहा है, जिसका आज अन्तिम दिन है।

विश्व जागृति मिशन की उपाध्यक्ष डॉ.अर्चिका दीदी ने तीनों दिवस ध्यान सत्र सम्पन्न कराये। ध्यान साधकों ने बताया कि उन्होंने यहाँ आकर जहाँ आत्म कल्याण के अनेक मन्त्र सीखे हैं, वहीं स्वस्थवृत्त की कई विधियों का प्रशिक्षण भी लिया है, जिससे हम काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं।

 

मानव जीवन को आनन्दयुक्त बनाने के लिए परमात्मा से जुड़ना जरूरी

श्रद्धावान को ही ज्ञान प्राप्त होता है

प्रेम की शक्ति असीम है

निज परिवार का दायरा बढ़ाएँ साधक

गहरे ध्यान में उतरे सैकड़ों साधक

साधकों को सूक्ष्म योगासन भी सिखाए गए

पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा भी रहे मौजूद

Guru Purnima Anand Dham Ashram 15july19 | Sudhanshu Ji Maharajगुरु मन्त्र सिद्धि साधना का दूसरा दिन

आनन्दधाम नयी दिल्ली, 14 जुलाई। श्रद्धावान को ही असल ज्ञान प्राप्त होता है। श्रद्धा से सब कुछ पाया जा सकता है। लक्ष्य के प्रति श्रद्धा व्यक्ति को निश्चित रूप से उद्देश्य की प्राप्ति करा देती है। दृढ़ विश्वास और लक्ष्य के प्रति श्रद्धा दो ऐसे अस्त्र हैं जो व्यक्ति को आन्तरिक व ब्राह्म समृद्धि के शिखरों तक पहुँचा देते हैं।

यह बात आज पूर्वाह्नकाल आनन्दधाम के साधना सभागार में विश्व जागृति मिशन के संस्थापक-संरक्षक आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने कही। ‘‘श्रद्धावान लभते ज्ञानं’’ सूत्र की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि अनेक बार देखा गया है कि ज्ञान और बुद्धि में अग्रणी व्यक्तियों की अपेक्षा श्रद्धावान व्यक्ति अपनी श्रद्धा व भक्ति के बल पर ज्ञानी व बुद्धिमान व्यक्तियों से बहुत आगे निकल गए हैं और इतिहास ने उन्हें ही याद रखा। उन्होंने इसके कुछ प्रत्यक्ष उदाहरण भी सुनाए तथा श्रद्धावान बनने की प्रेरणा सभी को दी। उन्होंने प्रेम की शक्ति को असीम बताया। उन्होंने उपस्थित साधकों को गहरे ध्यान में उतारा तथा साधकों को सूक्ष्म योगासन भी कराए।

पूर्वाह्नकालीन सत्र में पश्चिमी दिल्ली के लोकसभा सदस्य श्री प्रवेश वर्मा ने भी भागीदारी की। उन्होंने विश्व जागृति मिशन की गतिविधियों को सराहा। पूर्व डिप्टी मेयर श्रीमती शशि प्रभा सोलंकी ने भी साधना सत्र में भाग लिया।

उन्होंने शुभ का संग्राहक बनने का आहवान सभी से किया और निज शरीर एवं परिवार से ऊपर उठकर समाज, राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति के लिए जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने आत्म समीक्षा के ढेरों सूत्र साधकों को दिए और कहा कि इनका अनुपालन जीवन में करने से आत्मोत्कर्ष के उच्च शिखरों पर पहुंचा जा सकता है।

मिशन प्रमुख ने कहा कि प्रकृति में सत् हैं। जीवन में सत् और चित् दोनों हैं लेकिन परमात्मा में सत् चित् और आनन्द तीनों हैं। मानव जीवन को आनन्दयुक्त बनाने के लिए परमात्मा से जुड़ना जरूरी होता है। जीवन में आनन्द ईश सत्ता से जुड़ने पर ही प्राप्त होता है। उन्होंने मिश्री की तरह बनने की अपील की और कहा कि आप ऐसे बनें कि मिश्री की तरह किसी भी तरफ से चखने पर मीठापन ही मिले। हमारे हर व्यवहार से मधुरता हर हॉल में प्रकट हो। उन्होंने ज्ञान और वैराग्य रूपी पंखों से भूलोक से ब्रह्मलोक की उड़ान भरने का आहवान निष्ठावान साधकों से किया।

विश्व जागृति मिशन की उपाध्यक्ष ध्यानगुरु डॉ.अर्चिका दीदी ने साधकों को ध्यान कराया। उन्होंने सभी को साधना की गहराई में उतारकर साधकों को भाव-विभोर कर दिया। उपस्थित साधकों ने सीखी ध्यान विद्या को दैनिक जीवन में अभ्यास में लाने का आश्वासन दिया।

अभयता प्रदान करती है हमारी साधना

गुरुधाम में साधना के अगणित लाभ

आनन्दधाम में ध्यानगुरु डाॅ. अर्चिका दीदी ने कहा

Guru Mantra Siddhi Sadhana - Guru Purnima 14 July 2019 | Dr. Archika Didiआनन्दधाम, 14 जुलाई। साधना अभयता देती है, आत्म ज्ञान देती है, प्रखरता देती है, समृद्धि देती है। साधना की शक्ति असीम है। साधना स्वयं को साध लेने की, आत्मसंयम की कला है। आज तक जो भी व्यक्ति ऊँचे उठे हैं, साधना के बल पर उठे हैं।

यह उदगार आज प्रातःकाल नयी दिल्ली के शहीद चन्द्रशेखर आजाद मार्ग पर स्थित विश्व जागृति मिशन के मुख्यालय आनन्दधाम के साधना सभागार में मिशन की उपाध्यक्ष ध्यानगुरु डाॅ. अर्चिका दीदी ने व्यक्त किए। वह गुरुपूर्णिमा महापर्व के पूर्व आयोजित तीन दिवसीय गुरु मन्त्र सिद्धि साधना समारोह में आए साधकों को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने जीवन साधना पर बल देते हुए कहा कि हर व्यक्ति एक जैसा पैदा होता है लेकिन जीवन साधना पर पूर्ण ध्यान देने वाले लोग सफलता के उच्च शिखरों पर चढ़ते चले जाते हैं।

डॉक्टर अर्चिका दीदी ने साधना के लाभ गिनाए और कहा कि उन्हें शब्दों में नहीं बाँधा जा सकता है। उन्होंने सभी साधकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

गुरु मन्त्र सिद्धि साधना, गुरुपूर्णिमा महापर्व,आनन्दधाम नयी दिल्ली, 13 जुलाई

आनन्दधाम में आए सैकड़ों साधक

आत्म-समीक्षा, आत्म-निरीक्षण व आत्म-सुधार पर दें सर्वाधिक ध्यान

सद्गुरु श्री सुधांशु जी महाराज ने किया आह्वान

15 जुलाई तक चलेगी यह विशिष्ट साधना

Guru-Purnima | Guru Mantra siddhi Sadhana - Anand Dham Ashramमंगलवार-16 जुलाई को मनेगा गुरुपूर्णिमा महापर्व

आनन्दधाम नयी दिल्ली, 13 जुलाई। यहाँ नांगलोई-नजफ़गढ़ के समीप अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद मार्ग पर स्थित विश्व जागृति मिशन के अन्तरराष्ट्रीय मुख्यालय आनन्दधाम में तीन दिवसीय गुरु मन्त्र सिद्धि साधना का आज प्रातःकाल विधिवत् श्रीगणेश हो गया। तीन दिनों तक चलने वाली इस विशिष्ट साधना में देश के विभिन्न प्रान्तों से आए सैकड़ों साधक हिस्सा ले रहे हैं। साधना समापन के उपरान्त मंगलवार 16 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का महापर्व धूमधाम से मनाया जायेगा।

गुरु मन्त्र सिद्धि साधना में आए शिष्य-साधकों का मार्गदर्शन करते हुए मिशन प्रमुख श्रद्धेय श्री सुधांशु जी महाराज ने उन्हें आत्म-समीक्षा, आत्म-अवलोकन, आत्म-निरीक्षण एवं आत्म-सुधार की चार सूत्रीय विधा समझायी और सभी का आह्वान किया कि श्रेष्ठ इन्सान बनने के लिए इन चार साधना-स्तम्भों पर अपने जीवन का सुन्दर भवन विकसित करें। उन्होंने इसके लिए एक सुविकसित प्रारूप भी साधकों को दिया तथा आत्म-परीक्षण करने की विधा समझाते हुए उसके सूत्र विस्तार से सिखलाए।

इस अवसर पर श्री सुधांशु जी महाराज ने सतयुग के स्वर्णिम इतिहास से लेकर त्रेता, द्वापर एवं कलियुग के आध्यात्मिक इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने महात्मा बुद्ध, कुमारिल भट्ट, मण्डन मिश्र एवं आद्य शंकराचार्य के वृत्तांत सुनाए और कहा कि गुरु का रिश्ता माता, पिता एवं सखा के ऊपर का माना गया है। अर्थात्, ये सभी रिश्ते जिस एक स्थान में समाविष्ट होते हैं, वह ‘गुरु’ कहलाता है। उन्होंने गुरु को धरती पर ईश्वरीय सत्ता की प्रतिनिधि सत्ता बताया। उन्होंने साधकों को गुरु मन्त्र सिद्धि साधना सिखलायी और गुरु मन्त्र की सफलता के लिए ज़रूरी सूत्र सभी को दिये।

इसके पूर्व विश्व जागृति मिशन की उपाध्यक्ष एवं ध्यानगुरु डॉक्टर अर्चिका दीदी ने मौजूद साधकों को गुरु मन्त्र की सिद्धि में ध्यान का महत्व समझाया और बताया कि गहरे ध्यान के माध्यम से अन्त:स्थल में छिपे मणि-माणिक्यों से सम्पर्क साधा जा सकता है। उन्होंने ध्यान को गम्भीर बनाने के तरीक़े सभी को बताए।

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आनन्दधाम आश्रम के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री एम.एल.तिवारी ने बताया कि आज मध्यांहकाल नवग्रह वाटिका में सभी साधकों ने अपने-अपने ग्रह की अनुकूलता के लिए पूजन-अर्चन भी किया। नवग्रह पूजन का समस्त कर्मकाण्ड आनन्दधाम के वरिष्ठ आचार्य सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कराया।उन्होंने बताया कि १५ जुलाई तक पूर्वाह्न ८ से ११ बजे तथा सायंकाल ५ से ७ बजे तक दो-दो सत्र चलेंगे। इनमें पंजीकृत सदस्य भाग ले सकेंगे। मुख्य कार्यक्रम १६ जुलाई को सम्पन्न होगा जिसमें देश-विदेश से आए हज़ारों गुरुभक्त भाग लेंगे।

समस्त कार्यक्रमों का मंचीय समन्वयन व संचालन विश्व जागृति मिशन के निदेशक श्री राम महेश मिश्र एवं धर्माचार्य अनिल झा ने किया। कार्यक्रम में मिशन के महामन्त्री श्री देवराज कटारिया सहित गुरु परिवार के अनेक वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।

भीतर की स्थिरता और शान्ति मानव को देती है बड़ी ऊँचाइयाँ

प्रेरक भजनों की धुन के बीच सबने किये गुरु दर्शन

ठाणे (मुम्बई) का गुरुपूर्णिमा समारोह सम्पन्न

Guru Purnima-Thane-Jun-2019 | Sudhanshu Ji Maharajवरदान लोक आश्रम, 30 जून। विश्व जागृति मिशन, आनन्दधाम आश्रम नई दिल्ली के ठाणे-मुम्बई स्थित वरदान लोक आश्रम में बीते तीन दिनों से चल रहा गुरु पूर्णिमा समारोह आज मध्यान्हकाल विधिवत सम्पन्न हो गया। ठाणे, मुम्बई व उल्लासनगर स्थित महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों तथा गुजरात इत्यादि पड़ोसी प्रान्तों से हजारों की संख्या में आये शिष्यों-साधकों ने गुरुदर्शन, गुरु-पाद-पूजन एवं गुरु-दक्षिणा के अद्भुत कार्यक्रम में सोल्लास सहभागिता की।

गुरु भक्ति से लबालब भरे शिष्य-साधकों को सम्बोधित करते हुए विश्व जागृति मिशन के संरक्षक-अध्यक्ष आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि भीतर की स्थिरता व शान्ति मानव में बड़ी ऊंचाईयां देती है। शान्तिपाठ का वेद मन्त्र ऋषियों ने इसलिए दिया था और चाहा था कि जिस तरह शान्तिपाठ के मन्त्र में द्यौलोक, अन्तरिक्ष लोक, पृथ्वी लोक आदि के साथ-साथ इस प्रकृति के हर घटक में शान्ति की कामना की जाती है, यहाँ तक की शान्ति के भीतर भी शान्ति की कामना की जाती है, उसी प्रकार साधक को अपने अन्तःकरण सहित काया के हर आन्तरिक एवं बाह्यआंतरिक अंगों में शान्ति लाने का अभ्यास करना चाहिए। कहा कि यह अभ्यास व्यक्ति को भीतर से ताकतवर बनाता है और अनेक प्रतिफल प्रदान करता है।

समारोह का समापन मिशन प्रमुख के नागरिक अभिनंदन एवं ईश आरती के साथ हुआ।

आचार्य सुधांशु जी महाराज ने उच्च गुणवत्तायुक्त जीवन जीने की दी प्रेरणा

सान्ध्यकालीन सत्र में हुई सत्संग कक्षा

ठाणे (मुम्बई) के वरदान लोक आश्रम में बह रही अमृत ज्ञान गंगा

गायत्री मंत्र से शुरू हो रहा हर सत्र, महामृत्युंजय मंत्र की बताई महत्ता

गुरु पूर्णिमा पूर्व समारोह का दूसरा दिन

Guru-Purnima-Thane-30-Jun-2019 | Sudhanshu Ji Maharajवरदान लोक आश्रम-मुम्बई, 29 जून। यहाँ कल शुक्रवार से चल रहे विश्व जागृति मिशन के तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा समारोह के दूसरे दिवस की संध्या का सत्र विशेष रूप से सत्संग कक्षा को समर्पित रहा। मिशन प्रमुख आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने इस सत्र में महामृत्युंजय मंत्र की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डाला। इस मौके पर ‘ॐ नमः शिवाय’ मन्त्र के गायन से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।

मिशन प्रमुख श्री सुधांशु जी महाराज ने ठाणे, मुम्बई एवं उल्लासनगर जनपदों सहित महाराष्ट्र के विभिन्न अंचलों से आये शिष्यों-साधकों को उच्च गुणवत्तायुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी और कहा कि स्वस्थ शरीर, पौष्टिक आहार, सुविधा युक्त वस्त्र, ऊँची सोच, श्रेष्ठ कर्तव्य इन सबके सहारे व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में ऊँचे उठते चले जाते हैं। वह अपना कल्याण तो करते ही हैं, अन्यों के उत्कर्ष में भी सहायक बनते हैं। उन्होंने पंच-ध्वनि का विवेचन किया, घंटानाद तथा शंख-ध्वनि की वैज्ञानिकता बताईं। कहा कि पंच-शब्द और पंच-ध्वनि का सहारा लेकर व्यक्ति आध्यात्मिक ऊँचाईयों पर पहुँच सकता है। उन्होंने अनाहद नाद तक पहुँचने की विधि सिखलायी। उन्होंने मन को अल्फा-लेवल तक ले आने का तरीका बताया और कहा कि मार्गदर्शक गुरु से मिले मन्त्र का सहारा लेकर यह स्थिति पाई जा सकती है। उन्होंने लौकिक जीवन और आध्यात्मिक जीवन को एक साथ साधने की विधि का भी प्रशिक्षण सभी को दिया। उन्होंने अपने हृदय को भगवान से जोड़ लेने को कहा।

विश्व जागृति मिशन के ठाणे मण्डल के महामंत्री श्री आलोक सिंह ने बताया कि कल रविवार को पूर्वाहनकालीन सत्र में गुरुदर्शन, गुरुपादपूजन तथा गुरुदक्षिणा के कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। विश्व जागृति मिशन के निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने गुरु दक्षिणा का मर्म समझाया और कहा कि ईश्वर के इस विश्व उद्यान को सुन्दरतम बनाने में सहयोगी बनकर ही सच्ची गुरुदक्षिणा दी जा सकती है। उन्होंने मिशन परिवार द्वारा चलाये जा रहे सेवा कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।

VJM दिल्ली के केन्द्रीय पैनल द्वारा पानीपत, करनाल और देहरादून के आश्रमों का आकस्मिक निरीक्षण

आनन्दधाम आश्रम दिल्ली के केन्द्रीय पैनल द्वारा पानीपत, करनाल और देहरादून के आश्रमों का आकस्मिक निरीक्षण

आनन्दधाम आश्रम दिल्ली के केन्द्रीय पैनल द्वारा पानीपत, करनाल और देहरादून के आश्रमों का आकस्मिक निरीक्षणपानीपत से प्राप्त समाचार के अनुसारः- दिनांक 28 जून 2019 को दिल्ली स्थित परम पूज्य सुधांशु जी महाराज के आनन्दधाम आश्रम से आए केन्द्रीय पैनल द्वारा पानीपत के निम्बरी स्थित श्री सोमनाथधाम आश्रम का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर पानीपत मण्डल के संरक्षक श्री राम नारायण रावल जी, प्रधान डॉ- जगजीत आहूजा जी एवं समस्त कार्यकारिणी द्वारा दिल्ली से आए विश्व जागृति मिशन के महामंत्री श्री देवराज कटारीया जी, श्रीमती भावना कटारीया जी एवं श्री यशपाल सचदेवा जी का पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

केन्द्रीय पैनल ने आश्रम में स्थापित शिवालय, सत्संग हाल एवं नव निर्मित अमृत गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे आश्रम की और विशेषकर अमृत गौशाला की स्वच्छता व्यवस्था एवं आश्रम के आचार्य श्री रत्नेश त्रिपाठी जी द्वारा आश्रम को कुशलता से चलाने के लिए प्रशंसा की।

निरीक्षण के पश्चात टीम ने मण्डल के प्रधान एवं अधिकारियों से मीटिंग की और आश्रम को और अच्छे तरीके से चलाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इन सुझावों में आश्रम में चारो ओर ट्रेक बनाना, गऊशाला में गायों का नम्बर लगवाना, उनका नामकरण कराना, आश्रम में सोलर पैनल एवं गोबर गैस प्लांट लगवाना, पानीपत शहर के पार्कों में योग शिविर लगाने एवं फ्री ब्लड तथा शुगर चैकअप कैम्प लगाने आदि के सुझाव दिए। मण्डल प्रधान एवं अधिकारियों ने इन सुझावों लागू करने का आश्वासन दिया।

सोमनाथधाम आश्रम के आचार्य श्री रत्नेश त्रिपाठी जी ने आश्रम में चलाए जा रहे अन्य सेवा प्रकल्पों जैसे फ्री डिस्पेन्सरी (प्रातः 8-10 बजे) फ्री कम्प्यूटर सैंटर (प्रातः 10 से 12 बजे) एवं फ्री सिलाई सेण्टर (12 से 2 बजे तक) के कुशलता पूर्वक संचालन की जानकारी दी। केन्द्रीय पैनल ने आश्रम द्वारा संचालित सेवा कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा  की।

इस अवसर पर पं- हुकुम चन्द्र शास्त्री जी, श्री यशपाल चौधरी जी, श्री चुन्नी लाल चावला जी, श्री वीर भान जी, श्री विनोद चौहान जी, श्री देशराज छावड़ा जी, श्री जगदीश खुराना जी, श्री हरीश भटनागर जी, श्री गणे}ा नागपाल जी आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

करनाल से प्राप्त समाचार के अनुसार:- दिनांक 28 जून, 2019 को श्री देवराज कटारीया जी के नेतृत्व में केन्द्रीय पैनल के पदाधिकारी श्रीमती भावना कटारीया जी एवं श्री यशपाल सचदेवा जी द्वारा करनाल स्थित पावनधाम आश्रम का आकस्मिक दौरा कर निरीक्षण किया और वहां चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली तथा सेवाकार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। इस निरीक्षण कार्य में करनाल मंडल के महामंत्री श्री सुरेश बहेती जी, कोषाध्यक्ष श्री ओ-पी- सलूजा जी एवं सह सचिव श्री धर्म पाल जी ने केन्द्रीय पैनल का सहयोग किया। केन्द्रीय पैनल से आए अधिकारियों का मंडल के पदाधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

देहरादून से प्राप्त समाचार के अनुसारः- 28 जून, 2019 को आनन्दधाम आश्रम दिल्ली से आए श्री देवराज कटारीया जी के नेतृत्व में केन्द्रीय पैनल के पदाधिकारी श्रीमती भावना कटारीया जी एवं श्री यशपाल सचदेवा जी द्वारा देहरादून स्थित आनन्द देवलोक आश्रम का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। देहरादून मंडल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्त्ताओं ने केन्द्रीय पैनल के अधिकारियों का आदर भाव से स्वागत किया।

आनन्दधाम आश्रम से आए केन्द्रीय पैनल के पदाधिकारियों ने देहरादून के आनन्द देवलोक आश्रम में स्थापित शिवालय के दर्शन कर नवनिर्मित सत्संग हाल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरान्त केन्द्रीय पैनल ने आश्रम के कुशल संचालन के लिए देहरादून मंडल के प्रधान श्री सुधीर शर्मा जी, आश्रम प्रभारी श्री मनोज शास्त्री जी एवं आचार्य श्री कुलदीप पाण्डेय जी की सराहना की।

इसके उपरान्त मंडल के पदाधिकारियों के साथ केन्द्रीय पैनल के अधिकारियों ने संगोष्ठी की। इस संगोष्ठी में देहरादून मंडल के प्रधान श्री सुधीर शर्मा जी, वरिष्ठ उपप्रधान श्री अमरनाथ आहूजा जी, महामंत्री श्री प्रेम भाटिया जी, उपप्रधान श्री एस-पी-एस- नेगी जी एवं उपप्रधान श्री रजनीश गुप्ता जी सम्मिलित रहे। इस अवसर पर आश्रम को और अच्छे तरीके से संचालन के लिए आपस में सुझावों का आदान-प्रदान हुआ। इन सुझावों में केन्द्रीय पैनल ने आश्रम के सौन्दर्यीकरण के साथ सम्पूर्ण आश्रम के आवश्यक कार्यों की समीक्षा करते हुए आश्रम की सुव्यवस्था को ध्यान में रखकर निर्माण कार्यों को समय से पूरा करवाने का निर्देश दिया। मंडल के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय समिति के अधिकारियों से समय-समय पर इसी तरह से मार्गदर्शन देने की अभिलाषा व्यक्त करते हुए उनका आश्रम में आने के लिए धन्यवाद किया।

ऊपर आकाश गंगा और नीचे ज्ञान गंगा का अदभुत संगम था मुम्बई के इस दिव्य क्षेत्र में

मूसलाधार बारिश के बीच वरदान लोक आश्रम में हुआ सत्संग

गुरु पूर्णिमा पूर्व समारोह विधिवत हुआ आरम्भ

Guru Purnima Thane-29-Jun-19 | Sudhanshu Ji Maharajठाणे-मुम्बई, 29 जून। आज यहाँ काजूपाड़ा-घोड़बन्दर अंचल में ठाणे-मुम्बई राजमार्ग पर स्थित वरदान लोक आश्रम का दृश्य बड़ा ही निराला था। चारों ओर हरी-भरी पहाड़ियों तथा वनांचल से घिरे इस आश्रम में जोरदार मूसलाधार वर्षा के बीच विश्व जागृति मिशन प्रमुख आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने गुरु पर्व पर ठाणे, मुम्बई एवं उल्लासनगर जिलों से आये जनसमुदाय को आध्यात्मिक सन्देश दिया। कहा कि गुरुपूर्णिमा का महापर्व शिष्यों के लिए अभिनव सन्देश लेकर आता है। इन पलों में मौन को बढ़ाकर आत्म-शक्ति के जागरण का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दिनों हम भारतवासियों के सामने चुनौतियाँ बहुत हैं। उनसे मिलकर निपटने के लिए खास रणनीति बनानी होगी। कहा कि जब महाराष्ट्र के लातूर आदि क्षेत्र भयंकर सूखे एवं जल संकट से जूझ रहे हैं तब इस प्रान्त में जोरदार बरसात का होना एक शुभ संकेत है।

सत्संग व्यास श्रद्धेय महाराजश्री ने मन्त्र शक्ति का विशद विवेचन किया और कहा कि मन्त्र, अग्नि, जड़ी-बूटी से बनी हवन सामग्री, गौघृत और भाव-शक्ति के संयोग से होने वाले यज्ञ पर्यावरण को शुद्ध बनाने में महती भूमिका निभाते हैं। प्रकृति-पर्यावरण के संतुलन के साथ ही इससे समय पर वर्षा भी होती है। उन्होंने वर्षा के संतुलन के लिए अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं घर-घर यज्ञ सम्पन्न करने की प्रेरणा उपस्थित जनसमुदाय को दी।

श्री सुधांशु जी महाराज ने बच्चों को सुविधाभोगी न बनाकर संघर्षपूर्ण जीवन जीने का वातावरण घरों में बनाने का आह्वान किया। कहा कि सुविधा तो दुविधा उत्पन्न करेगी ही। जिन बच्चों को यथार्थ के धरातल पर जीवन जीने का शिक्षण परिवारों में दिया जाता है वे बच्चे बड़े ऊँचे उठते हैं, सफल बनते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु मन्त्र के सिद्ध होने पर व्यक्ति को ये सारी समझ सहज ही प्राप्त होती है। उन्होंने मन्त्र की सिद्धि के लिए जरूरी सभी अंग-उपांगों की जानकारी सभी को दी। श्रद्धेय महाराजश्री ने मन्त्र सिद्धि का आरम्भिक व्यवहारिक प्रशिक्षण भी उपस्थित जन समुदाय को दिया।

विश्व जागृति मिशन के ठाणे मण्डल द्वारा आयोजित गुरुपर्व कार्यक्रम में प्रधान श्री अनिल कुरसीजा ने बताया कि आज सायंकाल 04 बजे भी सत्संग का सत्र सम्पन्न होगा। उन्होंने बताया कि कल रविवार को पूर्वाहनकालीन गुरु पर्व के विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में मुम्बई मण्डल के प्रधान श्री एस.एस.अग्रवाल तथा थाणे मण्डल पदाधिकारी श्री आलोक सिंह सहित थाणे, उल्हासनगर एवं मुम्बई मंडलों के कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद रहे। आनन्दधाम संगीत विभाग के सदस्यों ने कई भजन भी इस मौक़े पर प्रस्तुत किए।

समस्त कार्यक्रमों का मंचीय समन्वय व संचालन आनन्दधाम नयी दिल्ली से आए विश्व जागृति मिशन के निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने किया।

जिनके सिर पर गंगा बिराजती है उन शिव की गहें शरण और करें निज कल्याण

गुरु प्रेरणा से करेंगे राष्ट्र निर्माण के विविध कार्य

पुणेनगरी में उभरे विजामि स्वयंसेवकों के संकल्प

पूना का गुरुपूर्णिमा पर्व समारोह सम्पन्न

Guru-Purnima-Pune-28-Jun-19 | Sudhanshu Ji Maharajपुणे, 28 जून। गुरुतत्व में असीम गहराई है, गुरु अन्धकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाने में सक्षम हैं, गुरुदेव से जुड़कर और उनका आदेशानुपालन कर साधारण व्यक्ति भी असाधारण व्यक्तित्व का स्वामी बन जाता है, गुरु धरती पर परमात्मा के स्थूल प्रतिनिधि हैं, गुरुमुख होना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है; इन तथ्यों पर विचार कर आज महाराष्ट्र की तीर्थनगरी पुणे के गणेश क्रीडा रंगमंच के आडिटोरियम में कई हजार स्त्री-पुरुषों ने गुरु प्रेरणाओं का पालन कर राष्ट्र निर्माण के, देश सेवा के विविध कार्य करने का संकल्प लिया।

पूना के नेहरू स्टेडियम स्वारगेट स्थित गणेश क्रीडा रंगमंच के विशालकाय प्रेक्षागृह में विश्व जागृति मिशन के पुणे मण्डल के तत्वावधान में आयोजित गुरुपूर्णिमा समारोह में भारी संख्या में मौजूद शिष्य-साधकों को सम्बोधित करते हुए मिशन प्रमुख आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि गुरु अनुशासन का नाम है, मर्यादा का नाम है। यह अनुशासन व मर्यादा हमारे दैनिक जीवन में उतरने चाहिए। हमारी दिनचर्या, हमारी वाणी, जब हमारे कर्म-कर्तव्य सभी में इन मर्यादा के दर्शन होते हैं तब ईश्वरीय सत्ता को भी बड़ा सुख मिलता है। गुरुसत्ता वस्तुतः ईशसत्ता का कार्य करने के लिए धरती पर आती है, उन्हें सुख पहुंचाने और आदर की भावना पहुंचाने का यही एकमात्र मार्ग है।

श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि हमारा शरीर स्वस्थ और आत्मा बलिष्ठ रहे। इसके लिए उन्होंने गुरु मन्त्र का निष्ठापूर्वक जप करने की प्रेरणा दी और कहा कि जिनके सिर पर से गंगा प्रवाहित होती है, उन सदाशिव से अपने-आपको जोड़ें। शरीर साधना के लिए उन्होंने प्रातःकालीन सैर और ध्यान-प्राणायाम करने का नियम पालन करने को कहा, वहीं अपने खान-पान, रहन-सहन और आहार-विहार पर विशेष ध्यान करने की प्रेरणायें दीं। श्री सुधांशु जी महाराज ने आयुर्वेद को पंचम-वेद बताया और कहा कि युगऋषि आयुर्वेद के जरिये, उसके उत्पादों का सेवन करके घर व जीवन में बीमारियों के प्रवेश को रोका जा सकता है।

गुरुपूर्णिमा पूर्व के इस विशिष्ट समारोह में गुरु-पाद-पूजन और सामूहिक गुरु प्रणाम का दृश्य बड़ा ही अनूठा था। पुणे सहित महाराष्ट्र के विभिन्न अंचलों से आये शिष्य-साधकों की एक अनूठी भाव-गंगा गणेश क्रीडा रंगमंच परिसर में प्रवाहित हो उठी। विश्व जागृति मिशन पुणे मण्डल के प्रधान श्री घनश्याम झंवर के विदाई उदबोधन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। समस्त कार्यक्रमों का मंचीय समन्वय व संचालन नयी दिल्ली से आए मिशन निदेशक श्री राम महेश मिश्र ने किया।

शिष्य के आध्यात्मिक जीवन का केन्द्रीय दिवस है गुरु पूर्णिमा

विगत आध्यात्मिक वर्ष की समीक्षा करके भावी समय की बनायें सुदृढ़ योजना

प्रभु के इस विश्व उद्यान को सुरम्य बनाकर दें अपनी विशिष्ट गुरुदक्षिणा

पुणे में गुरु पूर्णिमा का पूर्व समारोह शुरू

Guru Purnima Pune-27-June-19 | Sudhanshu Ji Maharajपुणे, 27 जून। आगामी माह जुलाई में गुरुपूर्णिमा के विश्वव्यापी गुरु-महोत्सव के पूर्व महाराष्ट्र के प्रमुख नगर पुणे में दो दिवसीय गुरुपूर्णिमा समारोह का आज अपराह्नकाल श्रीगणेश हुआ। विश्व जागृति मिशन के पुणे मण्डल द्वारा नेहरू स्टेडियम स्वारगेट स्थित ‘गणेश क्रीडा रंगमंच’ के प्रेक्षागृह में आयोजित गुरु महोत्सव में भारी संख्या में उपस्थित शिष्य समुदाय को मिशन प्रमुख श्रद्धेय आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने गुरुतत्व का ज्ञान-विज्ञान समझाया। उन्होंने बीते आध्यात्मिक वर्ष की गंभीरता से समीक्षा करने और भावी वर्ष की सफलता के लिए गहन चिंतन-मंथन कर सुदृढ़ योजना बनाने को कहा।

श्री सुधांशु जी महाराज ने साधकों का आध्यात्मिक मार्गदर्शन करते हुए कहा कि हर व्यक्ति आत्मिक विकास की यात्रा पर है। इस यात्रा में आगामी हर पाँच वर्ष की योजना प्रत्येक व्यक्ति को बनानी चाहिए। खेद का विषय है कि बहिरंग जीवन जीने वाले अधिकांश लोग स्वयं के लिए कभी समय नहीं निकालते। आत्मिक उत्थान के लिए खुद के लिए समय निकालना पड़ता है, क्योंकि परमात्मा आपसे मिलने के लिए आपको खाली देखना चाहता है और उसकी प्रतीक्षा करता है। श्रद्धेय महाराजश्री ने कहा कि खाली पात्र को ही भरा जा सकता है। उन्होंने भीड़-चाल और भेड़-चाल से बचने की सलाह सभी को दी और साधनों के अम्बार पर बैठे आज के मनुष्य से अपने अतीत में झांकने को कहा, जिसमें कम साधनों में भी प्रसन्नता एवं परम सन्तोष की अनुभूति होती थी। उन्होंने समय की कीमत समझने को कहा और उसे जीवन की सबसे बड़ी सम्पदा बताया। कहा कि गुरुपूर्णिमा का पर्व ऐसी ही आत्म-समीक्षाएँ करने का अवसर शिष्यों-साधकों को देता है।

मिशन प्रमुख श्री सुधांशु जी महाराज ने शाकाहार को एक शक्ति बताया और कहा कि जिस घोड़े को हार्सपावर का प्रतीक माना जाता है, वह शाकाहारी होता है। बताया कि मांसाहार से बुरी तरह पीड़ित विदेशों में शाकाहार आन्दोलन शुरू हो गए हैं। भारत को बिना देर किए चेत जाना चाहिए। उन्होंने जैसी दृष्टि-वैसी सृष्टि, जैसा अन्न-वैसा मन, जैसा पानी-वैसी वाणी, जैसा संग-वैसा रंग, जैसी व्यवस्था-वैसी अवस्था जैसे अनेक सूत्रों का विवेचन किया और अपने जीवन की दिशा और दशा सुधार लेने का आह्वान किया।

इसके पूर्व श्री सुधांशु जी महाराज ने विश्व जागृति मिशन पुणे मण्डल के प्रधान श्री घनश्याम झंवर, महामंत्री श्री जय भगवान अग्रवाल, संग़ठन सचिव श्री रवींद्र नाथ द्विवेदी एवं उपाध्यक्ष श्री गणेश कामठे के साथ दीप प्रज्वलित कर दो दिवसीय कार्यक्रमों का उदघाटन किया। कार्यक्रम स्थल पर सपत्नीक पहुँचे ब्रिगेडियर अरविन्द चौवल द्वारा व्यास पूजन किया गया।

विश्व जागृति मिशन के निदेशक श्री राम महेश मिश्र के मुख्य समन्वयन एवं संचालन में सम्पन्न आज के उदघाटन सत्र में आचार्य अनिल झा, कश्मीरी लाल चुग, राम बिहारी एवं अरविन्द अग्रवाल ने मधुर भजन गाए।श्री प्रमोद राय, रवि शंकर एवं श्री चुन्नी लाल तंवर ने वाद्य यंत्रों पर सहयोग किया। प्रधान श्री घनश्याम झंवर ने बताया कि पुणे गुरुपूर्णिमा समारोह का दूसरा व अन्तिम सत्र कल शुक्रवार को प्रातःकाल 8 बजे शुरू होगा। बताया कि कार्यक्रम में पुणे महानगर के अलावा आसपास के विभिन्न अंचलों के शिष्य साधक पुणे आये हुए हैं।